किसानों की खातेदारी और गैर खातेदारी की सिंचित कृषि भूमि पर 2018-19 से पहले का बकाया लगान सरकार ने माफ कर दिया है.

इसके लिए राजस्व विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं.

सरकार ने सभी जिलों में किसानों पर बकाया 2 करोड़ 93 लाख 95 हजार 969 रुपये का भू राजस्व माफ कर दिया है.

सबसे ज्यादा लगान बूंदी के किसानों का 24 लाख 64 हजार 225 रुपये माफ हुआ.

13 जिलों में किसानों पर कोई लगान बाकी नहीं था.

सरकार की ओर से 2018-19 का लगान बजट घोषणा में माफ कर दिया था, लेकिन इससे पहले के बकाया लगान को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया था.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2022-23 की बजट घोषणा में 2018-19 से पहले के बकाया लगान को माफ करने की घोषणा की थी.

बजट घोषणा के बिंदु संख्या 63 की पालना में सरकार ने यह आदेश जारी किए हैं.